Shekhawati University में SFI का धरना, 2 साल के निष्कासन से लेकर फीस और फैकल्टी तक कई मुद्दों पर प्रदर्शन

Sikar: पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय में छात्र संगठन SFI से जुड़े छात्रों ने विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा छात्र नेता राजू बिजारणिया को दो साल के लिए निष्कासित किए जाने का मामला रहा। इसके साथ ही छात्रों ने फीस, फैकल्टी की कमी, कोर्स की अवधि, सिलेबस और अन्य शैक्षणिक समस्याओं को लेकर भी विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई।

परीक्षा का पेपर फाड़ने के मामले में हुआ निष्कासन

राजू बिजारणिया के अनुसार, पिछले वर्ष दिसंबर में परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों ने विरोध स्वरूप परीक्षा का पेपर फाड़ा था। उन्होंने दावा किया कि उस समय विद्यार्थियों का सिलेबस पूरा नहीं हुआ था और उन्हें पर्याप्त पढ़ाई व फैकल्टी उपलब्ध नहीं कराई गई थी।


राजू बिजारणिया ने कहा कि यह फैसला अकेले उनका नहीं था और पूरी कक्षा के विद्यार्थियों ने मिलकर विरोध किया था। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अब केवल उन्हें दो साल के लिए निष्कासित किए जाने को गलत बताते हुए कार्रवाई पर सवाल उठाए।


उनका आरोप है कि मामले की जांच और प्रक्रिया पहले ही हो चुकी थी, लेकिन काफी समय बाद उनके खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई की गई।


धरना केवल निष्कासन के मुद्दे तक सीमित नहीं

प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना है कि उनका धरना सिर्फ राजू बिजाराणिया के निष्कासन के विरोध तक सीमित नहीं है। छात्रों ने विश्वविद्यालय में कई शैक्षणिक और प्रशासनिक समस्याओं को लेकर भी अपनी मांगें रखीं।


इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं—

  • निष्कासन आदेश वापस लेने की मांग
  • विभिन्न कोर्स की फीस कम करने की मांग
  • पर्याप्त और योग्य फैकल्टी उपलब्ध कराने की मांग
  • समय पर सिलेबस पूरा कराने की मांग
  • शैक्षणिक सत्र और परीक्षा प्रक्रिया को समयबद्ध करने की मांग
  • खेल गतिविधियों के लिए नियमित स्पोर्ट्स कैलेंडर की मांग

साइबर डिप्लोमा की पढ़ाई में देरी का आरोप

धरने में शामिल छात्रा सुशीला चौधरी ने साइबर से जुड़े डिप्लोमा कोर्स में पढ़ाई और शैक्षणिक प्रक्रिया को लेकर समस्याएं बताईं। उन्होंने दावा किया कि एक साल की अवधि वाले कोर्स में प्रवेश के करीब 14 महीने बाद भी केवल एक सेमेस्टर पूरा हो पाया है।


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कोर्स में पर्याप्त फैकल्टी और अन्य आवश्यक संसाधनों की कमी है। छात्रों का कहना है कि फीस अधिक होने और पढ़ाई की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण कई विद्यार्थियों ने कोर्स छोड़ दिया।

AI कोर्स बंद होने पर भी उठाए सवाल

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय में संचालित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कोर्स को लेकर भी सवाल उठाए। छात्रों के अनुसार, AI जैसे तेजी से उभरते क्षेत्र में शुरू किया गया कोर्स बंद होने की स्थिति में है।

छात्रों का कहना है कि कोर्स की पढ़ाई और शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर पहले से ही कई समस्याएं हैं। उन्होंने मांग की कि विद्यार्थियों को शुरू किए गए कोर्स की पढ़ाई पूरी करने के लिए उचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।


‘स्किल बेस्ड कोर्स के लिए अनुभवी फैकल्टी जरूरी’

धरने में शामिल प्रियंका कुमार ने कहा कि साइबर और आईटी जैसे स्किल बेस्ड कोर्स के लिए अनुभवी और विषय विशेषज्ञ फैकल्टी की आवश्यकता है। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय में पर्याप्त योग्य फैकल्टी नहीं होने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।


छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से फीस में कमी करने और शैक्षणिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग की है।


छात्रों ने बातचीत से समाधान की मांग की

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और बातचीत के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए। वहीं, राजू बिजारणिया ने कहा कि उनका संघर्ष विद्यार्थियों से जुड़े शैक्षणिक मुद्दों को लेकर जारी रहेगा।


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अब छात्रों की मांगों और निष्कासन के मामले पर विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

नोट: यह खबर प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं और विद्यार्थियों द्वारा दिए गए बयानों और आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रकाशित किया जा सकता है।

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