भढाढर। सीकर शहर के सीवरेज का गंदा पानी लंबे समय से आसपास के गांवों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। सीवरेज का पानी पहले नानी गांव की ओर छोड़ा जाता रहा, लेकिन समय के साथ पानी की मात्रा बढ़ने से समस्या ने गंभीर रूप ले लिया।
गंदा पानी बढ़ते-बढ़ते राष्ट्रीय राजमार्ग NH-52 के जयपुर-बीकानेर बाइपास तक पहुंचने लगा। इसके बाद यह पानी राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ आगे बढ़ते हुए भढाढर गांव की सीमा तक पहुंचने लगा। पिछले कुछ वर्षों में स्थिति लगातार बिगड़ती गई और अब गंदा पानी भढाढर गांव तक स्थायी रूप से पहुंचने लगा है।
लंबे समय से परेशान हैं ग्रामीण
गांव तक गंदा पानी पहुंचने से भढाढर के ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर पहले भी कई बार विरोध दर्ज कराया जा चुका है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। लगातार बढ़ती समस्या के बीच ग्रामीणों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
13 अगस्त से शुरू किया धरना
समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर भढाढर गांव में 13 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक गंदे पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।
ग्रामीणों की मांग है कि सीकर के सीवरेज के गंदे पानी की निकासी की ऐसी स्थायी व्यवस्था की जाए, जिससे नानी और भढाढर सहित आसपास के गांवों के लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके।
अब देखना होगा कि लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं और ग्रामीणों का यह अनिश्चितकालीन धरना कब समाप्त होता है।
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