Aapno Sikar
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Sikar: शहर के कलाकारों और कला प्रेमियों के लिए एक शानदार मंच तैयार हो रहा है। आगामी 13 सितंबर 2026 को सीकर में एक विशेष Open Mic कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का आयोजन द शेखावाटी रिदम एवं कला संगम द्वारा किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे।

यह कार्यक्रम भूतनाथ कैफे, सीकर में आयोजित होगा। खास बात यह है कि इस आयोजन में भाग लेने वाले परफॉर्मर्स के लिए रजिस्ट्रेशन पूरी तरह Free रखा गया है। हालांकि, कार्यक्रम के लिए सीमित स्लॉट उपलब्ध हैं, इसलिए इच्छुक प्रतिभागियों को जल्द से जल्द अपना रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की गई है।

कविता, संगीत, स्टैंड-अप और स्टोरीटेलिंग सहित कई कलाओं को मिलेगा मंच
Open Mic में प्रतिभागी कविता, ग़ज़ल, संगीत, स्टैंड-अप कॉमेडी, स्टोरीटेलिंग और अन्य कला विधाओं में अपनी प्रस्तुति दे सकेंगे। यह मंच नए और अनुभवी दोनों तरह के कलाकारों के लिए अपनी प्रतिभा दर्शकों तक पहुंचाने का अवसर होगा।

आयोजकों का उद्देश्य सीकर और शेखावाटी क्षेत्र की प्रतिभाओं को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां कलाकार अपनी कला को खुलकर प्रस्तुत कर सकें और कला प्रेमियों के साथ जुड़ सकें।

दर्शकों के लिए भी प्रवेश निशुल्क
इस कार्यक्रम को देखने आने वाले दर्शकों के लिए भी एंट्री बिल्कुल फ्री रहेगी। ऐसे में कविता, संगीत, कॉमेडी और विभिन्न कला प्रस्तुतियों का आनंद लेने वाले लोग भी इस आयोजन का हिस्सा बन सकते हैं।

Aapno Sikar है मीडिया पार्टनर
सीकर के स्थानीय News Channel Aapno Sikar इस ओपन माइक कार्यक्रम का मीडिया पार्टनर है। Aapno Sikar के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी और अपडेट लोगों तक पहुंचाई जाएंगी।

परफॉर्मर रजिस्ट्रेशन के लिए यहां करें आवेदन
इच्छुक कलाकार नीचे दिए गए गूगल फॉर्म के माध्यम से अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं:
👉 https://forms.gle/m79KShjqbdKxCQvU9

कार्यक्रम एक नजर में:
  • तारीख: 13 सितंबर 2026
  • स्थान: भूतनाथ कैफे, सीकर
  • आयोजक: द शेखावाटी रिदम एवं कला संगम
  • मीडिया पार्टनर: Aapno Sikar
  • परफॉर्मेंस: कविता, संगीत, स्टैंड-अप, स्टोरीटेलिंग एवं अन्य कला विधाएं
  • परफॉर्मर रजिस्ट्रेशन: Free
  • ऑडियंस एंट्री: Free
  • स्लॉट: सीमित
नोट: परफॉर्मर रजिस्ट्रेशन निशुल्क है, लेकिन स्लॉट सीमित हैं। इसलिए जल्द रजिस्ट्रेशन करना बेहतर रहेगा।

अगर आपके भीतर भी कोई कला छिपी है और आप उसे लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं, तो यह Open Mic आपके लिए एक बेहतरीन मौका हो सकता है।

Sikar: पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय में छात्र संगठन SFI से जुड़े छात्रों ने विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा छात्र नेता राजू बिजारणिया को दो साल के लिए निष्कासित किए जाने का मामला रहा। इसके साथ ही छात्रों ने फीस, फैकल्टी की कमी, कोर्स की अवधि, सिलेबस और अन्य शैक्षणिक समस्याओं को लेकर भी विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई।

परीक्षा का पेपर फाड़ने के मामले में हुआ निष्कासन

राजू बिजारणिया के अनुसार, पिछले वर्ष दिसंबर में परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों ने विरोध स्वरूप परीक्षा का पेपर फाड़ा था। उन्होंने दावा किया कि उस समय विद्यार्थियों का सिलेबस पूरा नहीं हुआ था और उन्हें पर्याप्त पढ़ाई व फैकल्टी उपलब्ध नहीं कराई गई थी।


राजू बिजारणिया ने कहा कि यह फैसला अकेले उनका नहीं था और पूरी कक्षा के विद्यार्थियों ने मिलकर विरोध किया था। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अब केवल उन्हें दो साल के लिए निष्कासित किए जाने को गलत बताते हुए कार्रवाई पर सवाल उठाए।


उनका आरोप है कि मामले की जांच और प्रक्रिया पहले ही हो चुकी थी, लेकिन काफी समय बाद उनके खिलाफ निष्कासन की कार्रवाई की गई।


धरना केवल निष्कासन के मुद्दे तक सीमित नहीं

प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना है कि उनका धरना सिर्फ राजू बिजाराणिया के निष्कासन के विरोध तक सीमित नहीं है। छात्रों ने विश्वविद्यालय में कई शैक्षणिक और प्रशासनिक समस्याओं को लेकर भी अपनी मांगें रखीं।


इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं—

  • निष्कासन आदेश वापस लेने की मांग
  • विभिन्न कोर्स की फीस कम करने की मांग
  • पर्याप्त और योग्य फैकल्टी उपलब्ध कराने की मांग
  • समय पर सिलेबस पूरा कराने की मांग
  • शैक्षणिक सत्र और परीक्षा प्रक्रिया को समयबद्ध करने की मांग
  • खेल गतिविधियों के लिए नियमित स्पोर्ट्स कैलेंडर की मांग

साइबर डिप्लोमा की पढ़ाई में देरी का आरोप

धरने में शामिल छात्रा सुशीला चौधरी ने साइबर से जुड़े डिप्लोमा कोर्स में पढ़ाई और शैक्षणिक प्रक्रिया को लेकर समस्याएं बताईं। उन्होंने दावा किया कि एक साल की अवधि वाले कोर्स में प्रवेश के करीब 14 महीने बाद भी केवल एक सेमेस्टर पूरा हो पाया है।


उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कोर्स में पर्याप्त फैकल्टी और अन्य आवश्यक संसाधनों की कमी है। छात्रों का कहना है कि फीस अधिक होने और पढ़ाई की स्थिति ठीक नहीं होने के कारण कई विद्यार्थियों ने कोर्स छोड़ दिया।

AI कोर्स बंद होने पर भी उठाए सवाल

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय में संचालित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कोर्स को लेकर भी सवाल उठाए। छात्रों के अनुसार, AI जैसे तेजी से उभरते क्षेत्र में शुरू किया गया कोर्स बंद होने की स्थिति में है।

छात्रों का कहना है कि कोर्स की पढ़ाई और शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर पहले से ही कई समस्याएं हैं। उन्होंने मांग की कि विद्यार्थियों को शुरू किए गए कोर्स की पढ़ाई पूरी करने के लिए उचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।


‘स्किल बेस्ड कोर्स के लिए अनुभवी फैकल्टी जरूरी’

धरने में शामिल प्रियंका कुमार ने कहा कि साइबर और आईटी जैसे स्किल बेस्ड कोर्स के लिए अनुभवी और विषय विशेषज्ञ फैकल्टी की आवश्यकता है। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय में पर्याप्त योग्य फैकल्टी नहीं होने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।


छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से फीस में कमी करने और शैक्षणिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग की है।


छात्रों ने बातचीत से समाधान की मांग की

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और बातचीत के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए। वहीं, राजू बिजारणिया ने कहा कि उनका संघर्ष विद्यार्थियों से जुड़े शैक्षणिक मुद्दों को लेकर जारी रहेगा।


Watch Video:


अब छात्रों की मांगों और निष्कासन के मामले पर विश्वविद्यालय प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

नोट: यह खबर प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं और विद्यार्थियों द्वारा दिए गए बयानों और आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रकाशित किया जा सकता है।

भढाढर। सीकर शहर के सीवरेज का गंदा पानी लंबे समय से आसपास के गांवों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। सीवरेज का पानी पहले नानी गांव की ओर छोड़ा जाता रहा, लेकिन समय के साथ पानी की मात्रा बढ़ने से समस्या ने गंभीर रूप ले लिया।


गंदा पानी बढ़ते-बढ़ते राष्ट्रीय राजमार्ग NH-52 के जयपुर-बीकानेर बाइपास तक पहुंचने लगा। इसके बाद यह पानी राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ-साथ आगे बढ़ते हुए भढाढर गांव की सीमा तक पहुंचने लगा। पिछले कुछ वर्षों में स्थिति लगातार बिगड़ती गई और अब गंदा पानी भढाढर गांव तक स्थायी रूप से पहुंचने लगा है।


लंबे समय से परेशान हैं ग्रामीण

गांव तक गंदा पानी पहुंचने से भढाढर के ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर पहले भी कई बार विरोध दर्ज कराया जा चुका है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। लगातार बढ़ती समस्या के बीच ग्रामीणों ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाया है।


13 अगस्त से शुरू किया धरना

समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर भढाढर गांव में 13 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक गंदे पानी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा।


ग्रामीणों की मांग है कि सीकर के सीवरेज के गंदे पानी की निकासी की ऐसी स्थायी व्यवस्था की जाए, जिससे नानी और भढाढर सहित आसपास के गांवों के लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके।


अब देखना होगा कि लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं और ग्रामीणों का यह अनिश्चितकालीन धरना कब समाप्त होता है।


देखें ग्राउंड रिपोर्ट - 



सीकर मास्टर प्लान 2041 को लेकर सीकर के लोगों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है. बुधवार, 20 अगस्त को मास्टर प्लान 2041 के विरोध में सीकर बाजार को बंद रखा गया. गौरतलब है कि 10 अगस्त को सीकर की कृषि उपज मंडी में आमसभा रखी गई था जहाँ पर इस बंद की घोषणा की गई थी.


सीकर बंद के लिए आसपास के गांवों के किसानों और सीकर शहर के व्यापारी वर्ग में एकजुटता देखने को मिली और सीकर बाजार पूरी तरह से बंद रहा. एक तरफ जहाँ धोद के पूर्व विधायक पेमाराम के नेतृत्व में काफिले के साथ शहर में आंशिक रूप से खुली दुकानों को बंद करवाया गया तो दूसरी तरफ RLP के कार्यकर्ताओं ने भी नवलगढ़ रोड पर काफिले के साथ यही काम किया.

गाँवों से किसान ट्रेक्टर लेकर शहर पहुंचे और पुरे सीकर में ट्रेक्टर रैली निकालकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया. इसके बाद दोपहर 2 बजे सीकर के जाट बाजार में एक आमसभा का आयोजन किया गया.

जाट बाजार में हुई सभा में संघर्ष समिति व इस विरोध में शामिल अन्य दलों के नेताओं ने संबोधित किया. पूर्व विधायक का. पेमाराम ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ये मास्टर प्लान 2041 रद्द करने तक संघर्ष जारी रहेगा. इसके लिए चाहे लाठी खानी पड़े या गोली लेकिन पीछे नहीं हटेंगे.

वहीं राष्ट्रीय लोकतान्त्रिक पार्टी(RLP) के जिला अध्यक्ष महेंद्र डोरवल ने कहा कि अभी तक तो हम सिर्फ गाँधी के रास्ते से आंदोलन कर रहे हैं लेकिन अगर सरकार नहीं मानी तो हमें भगत सिंह का रास्ता भी आता है. हमें चाहे हाईवे जाम करना पड़े या फिर रेल की पटरी पर बैठना पड़े, हम तैयार है.

सभा के अंत में संघर्ष समिति ने घोषणा करते हुए सरकार को 31 अगस्त तक का समय दिया और कहा कि सरकार के पास 31 अगस्त तक का समय है इस मास्टर प्लान 2041 को वापिस ले. अगर सरकार ऐसा नहीं करती है तो 31 अगस्त को संघर्ष समिति कि बैठक रखी जायेगी जिसमे सघर्ष समिति का विस्तार भी किया जायेगा और आंदोलन के आगे की रणनीति पर भी फैसला लिया जायेगा.   

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